Monday, October 8, 2012

चुटकी-4

क्यों भाई वाड्रा साहब! फेसबुक पर देश के नागरिकों के साथ पहले मसखरी, फिर अकाउंट बंद. वाह भाई वाह! 

2 comments:

  1. बहुओं पर इतनी कृपा, सौंप दिया सरकार ।
    बेटी से क्या दुश्मनी, करते हो तकरार ।
    करते हो तकरार, होय दामाद दुलारा ।
    छोटे मोटे गिफ्ट, पाय दो-चार बिचारा ।
    पीछे ही पड़ जाय, केजरी कितना काला ।
    जाएगा ना निकल, देश का यहाँ दिवाला ।

    जायदाद आधी मिले, कानूनन यह सत्य |
    बेटी को दिलवा दिया, हजम करो यह कृत्य |
    हजम करो यह कृत्य, भृत्य हैं गिरिजा सिब्बल |
    चाटुकारिता काम, दिया उत्तर बेअक्कल |
    माँ की दो संतान, बटेगा आधा आधा |
    देखे हिन्दुस्तान, कहीं डाले ना बाधा ||


    गंगा-दामोदर ब्लॉगर्स एसोसियेशन-
    आदरणीय मित्रवर-
    धनबाद के ISM में
    दिनांक 4 नवम्बर 2012 को संध्या 3 pm
    पर एसोसियेशन के गठन के लिए बैठक रख सकते हैं क्या ??
    अपनी सहमति देने की कृपा करे ||
    सायंकाल 6 से 9 तक एक गोष्ठी का भी आयोजन किया जा सकता है ||
    भोजन के पश्चात् रात्रि विश्राम की भी व्यवस्था रहेगी-

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  2. बिलकुल किया जा सकता है. अन्य मित्रों से बात करके इसे फ़ाइनल कर दें. शाम को कवि सम्मलेन का आयोजन किया जा सकता है. उमा जी से बात कर लें.

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